बरेली। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं बरेली की पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से संबंधित किसी भी प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा, परीक्षा और भविष्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।
सुप्रिया ऐरन ने कहा कि शिक्षा केवल एक संस्थान का विषय नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों की उम्मीदों और युवाओं के सपनों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। इसलिए सरकार को ऐसा संतुलित, संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए, जिससे कानून का पालन भी हो और विद्यार्थियों के हित भी पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई आवश्यक हो, तो उसके साथ-साथ छात्रों के लिए वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षाओं की निरंतरता, डिग्री संबंधी प्रक्रियाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने की भी स्पष्ट योजना तैयार की जानी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में छात्रों के शैक्षणिक जीवन में अनिश्चितता नहीं आनी चाहिए।
पूर्व महापौर ने कहा कि सरकार का दायित्व केवल प्रशासनिक निर्णय लेना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उन निर्णयों का प्रतिकूल प्रभाव निर्दोष विद्यार्थियों पर न पड़े। उन्होंने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं का इस विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, उनके भविष्य को संकट में डालना न्यायसंगत नहीं होगा।
सुप्रिया ऐरन ने कहा कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है। सरकार को सभी पक्षों से संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और विद्यार्थियों का विश्वास भी कायम रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में सभी कानूनी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसा संतुलित निर्णय करेगी, जो कानून के अनुरूप होने के साथ-साथ छात्रों के हितों की रक्षा करने वाला भी हो। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सपनों और उनके करियर को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए, क्योंकि वही प्रदेश और देश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं@जफर/INN
