मुरादाबाद। जौहर विश्वविद्यालय की 40 इमारतों में से 38 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी ने अंबेडकर पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन, सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, कांठ विधायक कमाल अख्तर, जनपद के अन्य समाजवादी पार्टी विधायक तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए विश्वविद्यालय की इमारतों को बचाए जाने की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा केंद्र है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 3,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और यदि भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाता है तो इसका सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।

कांठ विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के दौरान उस समय लागू नियमों और आवश्यक औपचारिकताओं का पालन किया गया था। उनका कहना था कि प्रदेश और देश में स्थापित अनेक विश्वविद्यालयों की तरह जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण भी संबंधित स्थानीय निकायों से अनुमति लेकर कराया गया था। उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय तथा अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की तरह जौहर विश्वविद्यालय भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
पूर्व सांसद एस टी हसन ने सवाल उठाया कि यदि 38 भवनों को ध्वस्त किया जाता है तो इससे सरकार को क्या लाभ होगा, जबकि इससे शिक्षा व्यवस्था और हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन के उपरांत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त किए जाने के आदेश पर पुनर्विचार करने तथा भवनों को सुरक्षित रखने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि इस मामले में न्यायसंगत और संवेदनशील निर्णय लिया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो@शांतनु/INN
