संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने संसद परिसर में पोस्टर के साथ प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल खड़े किए। इस दौरान FCRA बिल, महिला आरक्षण, परिसीमन और नेताओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
FCRA यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम से जुड़े प्रस्ताव पर अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि जब विदेश से भारत आने वाले पैसे को लेकर नियम बनाए जा रहे हैं, तो देश से बाहर जाने वाली रकम को लेकर सरकार की क्या नीति है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि भारत से कितना पैसा बाहर जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि FCRA के जरिए संस्थाओं पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के पुराने दावों का जिक्र करते हुए कहा कि देश का पैसा बाहर जाने से रोकने को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव के हाथ में ऐसा पोस्टर भी नजर आया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया गया था। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के अन्य सांसद भी नजर आए। विपक्ष महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है।
अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने अयोध्या में जमीन की कीमतों और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गाड़ी पर कथित हमले का मुद्दा भी अखिलेश यादव ने उठाया। उन्होंने घटना को लोकतंत्र के लिए गंभीर और दुखद बताते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए।
