बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को राज्य के आठ जिलों में अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक पटना के गांधी घाट पर गुरुवार रात, जबकि हाथीदह (मोकामा) में 4 सितंबर की दोपहर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने लोगों को नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में बेवजह जाने से बचने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से नदी में स्नान या तैराकी करने, नाव से अनावश्यक यात्रा करने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेल्फी जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से बचने को कहा गया है। साथ ही जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पानी और अन्य आवश्यक सामान तैयार रखने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। बाढ़ की स्थिति बनने पर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा बचाव दल के निर्देशों का तुरंत पालन करने को कहा गया है।
किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सूचना देने की अपील की गई है।
