IIT बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान प्रशासन और छात्रों के बीच 18 सूत्रीय मांगों को लेकर सहमति बनी है।
रविवार देर रात IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में छात्रों की ओर से रखे गए 18 सूत्रीय मांग-पत्र पर चर्चा हुई और संस्थान प्रशासन ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 20 वर्षीय साहिल वाकोडे की मौत की स्वतंत्र जांच, जांच रिपोर्ट के लिए तय समयसीमा, फैकल्टी सदस्यों के लिए आचार संहिता और कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना शामिल है।
छात्रों ने मांग की है कि मामले की अंतरिम जांच रिपोर्ट 30 सितंबर तक और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी की जाए। इसके अलावा कैंपस अस्पताल में 24 घंटे मनोचिकित्सक की उपलब्धता, काउंसलिंग व्यवस्था में सुधार और संस्थान के महत्वपूर्ण निर्णयों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने की मांग भी रखी गई है।
मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई थी। साहिल के परिवार की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर डुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। परिवार की ओर से उन पर जातिसूचक टिप्पणी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच जारी है।
दरअसल, 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। संस्थान के अनुसार, उसी दिन परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन पाया गया था। वहीं, साहिल के परिवार ने फैकल्टी सदस्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्र की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में लगातार तीन दिनों तक प्रदर्शन हुआ। अब 18 सूत्रीय समझौते के बाद इन मांगों के क्रियान्वयन और आगे की कार्रवाई को लेकर संस्थान की ओर से ओपन हाउस में विस्तृत जानकारी दिए जाने की उम्मीद है।
