थाना मैनाठेर क्षेत्र का मामला, किसानों में रोष
मुरादाबाद। जनपद मुरादाबाद के थाना मैनाठेर क्षेत्र से किसानों की मेहनत और भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम नगलिया निवासी एक किसान ने क्षेत्र में खुलेआम नकली खाद और बीज की बिक्री का आरोप लगाते हुए बताया कि इसके कारण उसकी लगभग 12 बीघा धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। पीड़ित किसान ने इस संबंध में जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित किसान के अनुसार उसने नगर पंचायत महमदपुर, थाना मैनाठेर क्षेत्र में स्थित एक खाद–बीज की दुकान से कैल्शियम खाद और धान का बीज खरीदा था। खाद और बीज खेतों में डालने के कुछ ही दिनों बाद धान की फसल पीली पड़ने लगी और धीरे-धीरे पौधे सूख गए। खेतों का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि पूरी फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
किसान का कहना है कि जिस फसल से उसे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, वही खेतों में खड़ी-खड़ी नष्ट हो गई। इससे उसे लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। किसान ने बताया कि खाद और बीज पर सरकारी सप्लाई का लेबल लगा होने के कारण उसे किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
हाथ में लेते ही छूटा रंग, नकली खाद का शक
पीड़ित किसान ने बताया कि जब उसने खाद को हाथ में लिया तो उसका रंग छूटने लगा, जिससे खाद के नकली होने का संदेह गहरा गया। किसान का आरोप है कि जब इस बारे में दुकानदार से सवाल किए गए तो उसने खाद के नकली होने की बात स्वीकार कर ली।

किसान ने यह भी आरोप लगाया कि दुकान पर सरकारी खाद अवैध रूप से रखी गई थी, जबकि किसानों को महंगे दामों पर प्राइवेट और नकली खाद बेची जा रही थी। इस मामले में खाद विक्रेता मोहम्मद नव्वी का नाम सामने आया है, जो कथित रूप से लंबे समय से नकली खाद की बिक्री कर रहा है।
कई किसान प्रभावित, कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़ित किसान का दावा है कि वह अकेला नहीं है, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य किसान भी नकली खाद और बीज से प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण नकली खाद–बीज का कारोबार फल-फूल रहा है।

थाना और डीएम से की शिकायत
पीड़ित किसान ने इस मामले की शिकायत थाना मैनाठेर में भी की है। घटना बीते शुक्रवार की बताई जा रही है। इसके बाद किसान जिलाधिकारी से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

किसानों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नकली खाद–बीज बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, संबंधित दुकानों और गोदामों पर छापेमारी हो, कृषि विभाग द्वारा खाद–बीज की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाए।

फिलहाल पूरा मामला जांच के भरोसे है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर जिले के सैकड़ों किसानों की फसलों पर पड़ सकता है।
