आज अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ (पौष शुक्ल द्वादशी) अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए। मंदिर परिसर को फूलों और दीपों से भव्य रूप से सजाया गया है, और पूरी रामनगरी ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान है।
अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम मंदिर परिसर के भीतर नवनिर्मित माँ अन्नपूर्णा मंदिर के 65 मीटर ऊंचे शिखर पर केसरिया धर्म ध्वज फहराया। यह मंदिर उन सात उप-मंदिरों में से एक है जो मुख्य परिसर के चारों ओर बनाए गए हैं। ध्वजारोहण के समय शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रक्षा मंत्री ने देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्य यजमान के रूप में विशेष अनुष्ठान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस वर्षगांठ उत्सव में मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। उन्होंने रामलला के गर्भगृह में जाकर भगवान का ‘महाभिषेक’ किया और विशेष आरती में भाग लिया। इस दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी और वरिष्ठ साधु-संत भी उपस्थित रहे। यह अनुष्ठान 27 दिसंबर से शुरू हुए पांच दिवसीय महोत्सव का समापन कार्यक्रम था।
दर्शन और सुरक्षा के कड़े प्रबंध
महोत्सव में शामिल होने से पहले राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। आज के दिन अयोध्या में लगभग 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
राम मंदिर का पूर्ण स्वरूप
यह वर्षगांठ इसलिए भी विशेष है क्योंकि हाल ही में 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण के पूर्ण होने की घोषणा की गई थी। अब मंदिर अपने पूर्ण और दिव्य स्वरूप में भक्तों के लिए उपलब्ध है, और आज का यह उत्सव उसी पूर्णता के आनंद को प्रदर्शित कर रहा है।
