ठाकुरद्वारा। नगर के वार्ड नंबर 18 में लंबे समय से बनी दूषित जलभराव की समस्या को लेकर शुक्रवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए जब आक्रोशित वार्डवासियों ने नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “चेयरमैन हाय-हाय” के नारे लगाते हुए नगर पालिका प्रशासन पर उपेक्षा और भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में महीनों से गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
सभासद की शिकायतें भी रहीं अनसुनी
वार्ड 18 के सभासद ने बताया कि वे दूषित जलभराव, गंदगी और बदहाल सड़कों की समस्या को लेकर कई बार नगर पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को अवगत करा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बाद में उपजिलाधिकारी से भी शिकायत की गई, जहां से इसे नगर पालिका का मामला बताते हुए बोर्ड में रखने की बात कही गई। सभासद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि दूषित जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे फिसलने और बीमार पड़ने का खतरा बना रहता है। ठंड के मौसम में कई बच्चे दूषित पानी में भीगकर बीमार हो चुके हैं।
टूटी नालियां और जल निगम की लाइन बनी वजह
स्थानीय निवासियों के अनुसार वार्ड में टूटी नालियां, जर्जर सड़कें और जल निगम की पाइपलाइन में जगह-जगह टोटियां न होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गंदे पानी के कारण नलों से भी दूषित पानी आ रहा है और घरों में सीलन फैल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
फिलहाल वार्ड 18 में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष एकत्र होकर नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
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