डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल की सलाखों से बाहर आ रहे हैं। रोहतक की सुनारिया जेल प्रशासन ने उनकी 40 दिनों की पैरोल अर्जी को हरी झंडी दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राम रहीम कुछ ही समय में जेल से बाहर निकल सकते हैं, जिसके बाद वे सीधे हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुँचेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैरोल की पूरी अवधि के दौरान उनका निवास स्थान सिरसा डेरा ही रहेगा।
उल्लेखनीय है कि दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में सजा काट रहे राम रहीम को यह 15वीं बार राहत मिली है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी उन्हें 40 दिनों की पैरोल दी गई थी। जहाँ एक ओर सरकार इसे जेल नियमों के तहत ‘अच्छे आचरण’ का प्रतिफल बता रही है, वहीं पीड़ित पक्ष और आलोचक इसे ‘हार्ड क्रिमिनल’ को दी जा रही विशेष रियायत मान रहे हैं।
राम रहीम दो साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति व डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में जेल की सजा भुगत रहे हैं।
नियमों का हवाला: हरियाणा सरकार के अनुसार, जेल मैनुअल के तहत किसी भी कैदी को साल में अधिकतम 90 दिन की पैरोल का अधिकार है। सरकार ने कोर्ट में राम रहीम के व्यवहार को ‘सराहनीय’ बताया है।
विरोध के स्वर: पत्रकार छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका तर्क है कि इतने गंभीर मामलों के अपराधी को बार-बार पैरोल देना न्याय प्रणाली पर सवाल उठाता है।
पिछला रिकॉर्ड: राम रहीम की पैरोल का सिलसिला लगातार जारी है। पिछली बार सितंबर में बाहर आने के बाद, जनवरी 2026 की यह पैरोल उनकी सजा अवधि की 15वीं रिहाई है।
