मुरादाबाद।
धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में फंसे गुरजीत सिंह चड्ढा और उनके परिजनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से यह जानकारी दी गई कि विवाद का आपसी स्तर पर निस्तारण हो चुका है। समझौते की बात सामने आने के बाद अदालत ने गुरजीत चड्ढा सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 28 जनवरी को प्रस्तावित है।
इससे पहले मुरादाबाद पुलिस ने एसीजेएम-2 न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित चड्ढा परिवार की कोठी पर दबिश दी थी। हालांकि छापेमारी के दौरान परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद की एसीजेएम-2 कोर्ट ने दिवंगत शराब कारोबारी हरभजन सिंह चड्ढा की पत्नी जसप्रीत कौर, पुत्र गुरजीत सिंह चड्ढा सहित चार परिजनों के विरुद्ध धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।
जिन चार लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुआ था, उनमें हरभजन सिंह चड्ढा के पोते हरवीर सिंह चड्ढा, उनकी पत्नी तमन्ना चड्ढा, गुरजीत सिंह चड्ढा और जसप्रीत कौर शामिल हैं। हालांकि इस मामले में जसप्रीत कौर पहले ही अग्रिम जमानत प्राप्त कर चुकी हैं।
बताया जाता है कि करीब पांच माह पूर्व मुरादाबाद पुलिस ने चड्ढा परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी। यह मामला चड्ढा परिवार की संपत्तियों से जुड़े लेन-देन को लेकर सामने आया था।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में दर्ज इस एफआईआर में चड्ढा परिवार के प्रॉपर्टी पार्टनर रहे गोपाल मिश्रा ने आरोप लगाए थे। गोपाल मिश्रा मूल रूप से गाड़ीखाना कटघर के निवासी हैं और वर्तमान में बुध बाजार स्थित कृष्णा कॉलोनी में रहते हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 28 जनवरी को होनी है, जिस पर आगे की कानूनी स्थिति निर्भर करेगी।
