मुरादाबाद। वाराणसी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त किए जाने के मामले में मुरादाबाद की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 10 जनवरी को प्रदेश सरकार के इशारे पर नगर निगम द्वारा मणिकर्णिका घाट को तोड़ा गया, जो न केवल प्रशासनिक तानाशाही का उदाहरण है, बल्कि वाराणसी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला भी है। कांग्रेस का कहना है कि यह घाट वर्षों से धार्मिक अनुष्ठानों और अंतिम संस्कार जैसे संस्कारों से जुड़ा रहा है और इसका ध्वस्तीकरण जनभावनाओं की अनदेखी को दर्शाता है।
कांग्रेस ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान माता अहिल्याबाई होल्कर की पवित्र एवं ऐतिहासिक प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की गई, जो बेहद निंदनीय है। नेताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण, धर्म और न्याय की प्रतीक हैं और उनकी प्रतिमा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने के समान है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई बिना जनसुनवाई, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद किए की गई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक या प्रशासनिक जांच कराई जाए और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में सरकार और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस आंदोलन को जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक घाट की नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और धार्मिक सम्मान की रक्षा की है।
अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा की ठोस नीति और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रमुख नेता शामिल रहे। इनमें जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद, पूर्व महानगर अध्यक्ष असद मौलाई, अनुभव मल्होत्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता अमीरूल हसन जाफरी, नजाकत ठेकेदार, अधिवक्ता अंजार हुसैन, राजा अली चौधरी, मुशाहिद अली, सोनी सैफी, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
