महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोक जताया और उन्हें एक प्रभावशाली प्रशासक बताया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और पवार के योगदान को याद किया।
जांच की मांग (ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला)
विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की परिस्थितियों को लेकर राजनैतिक गलियारों में चिंता व्यक्त की जा रही है। ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने इस पूरे मामले की पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका तर्क है कि इतने महत्वपूर्ण नेता के विमान के साथ ऐसा हादसा सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हादसे के तकनीकी पहलू और आधिकारिक कार्रवाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डीजीसीए की टीमें हादसे के कारणों का पता लगाएंगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान (Learjet 45) लैंडिंग के वक्त संतुलन खो बैठा और रनवे के पास आग की चपेट में आ गया।
राज्य में शोक और अंतिम संस्कार
इस दुखद घटना के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार बारामती में किए जाने की संभावना है। केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं के बारामती पहुँचने की उम्मीद है।
