मुरादाबाद। मैनाठेर थाना क्षेत्र के पंडित नगला स्थित अल जामिअतुल साबरी लिल बनात मदरसे में दीनी तालीम की रौशनी से सराबोर एक ऐतिहासिक और यादगार दस्तारबंदी समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मदरसे में शिक्षा ग्रहण कर चुकी 11 बच्चियों की दस्तारबंदी कर उन्हें इल्मी और दीनी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की सरपरस्ती हज़रत क़ारी आमिर रज़ा अशरफी साबरी ने की। उन्होंने बच्चियों की मेहनत, सब्र और निरंतर लगन की सराहना करते हुए कहा कि दीनी तालीम इंसान के किरदार को संवारने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा से जोड़ना समाज को मजबूत और सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है।
इस अवसर पर ग्राम मैनाठेर निवासी आलिमा फ़ाज़िला शाजरीन फ़ातिमा अशरफी साबरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शाजरीन फ़ातिमा ने मदरसे की दीनी तालीम पूरी कर दस्तारबंदी का एज़ाज़ हासिल किया। उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा उस्ताद क़ारी आमिर रज़ा अशरफी साबरी के मार्गदर्शन में पूर्ण की। उनकी यह सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
शाजरीन फ़ातिमा के पिता मोहम्मद ज़फीर हुसैन ने भावुक शब्दों में कहा कि यह उपलब्धि उनकी बेटी की कड़ी मेहनत, सब्र और अल्लाह पर भरोसे का परिणाम है। उन्होंने समाज से अपील की कि बेटियों की दीनी और दुनियावी तालीम को बराबर महत्व दिया जाए, क्योंकि शिक्षित बेटियां ही एक बेहतर समाज की नींव रखती हैं।
दस्तारबंदी समारोह के उपरांत परिवार की ओर से रिश्तेदारों, मोहल्ले व क्षेत्र के लोगों के लिए दावत-ए-तवारू का आयोजन किया गया। साथ ही एक प्रभावशाली नातिया महफिल भी आयोजित हुई, जिसमें बच्चियों ने दिल को छू लेने वाली नात शरीफ़ पेश कर समां बांध दिया।
समारोह में मौजूद लोगों ने मदरसे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अल जामिअतुल साबरी लिल बनात बेटियों की दीनी तालीम के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। यह आयोजन न केवल बच्चियों के लिए सम्मान का क्षण रहा, बल्कि समाज को दीनी शिक्षा की अहमियत का भी संदेश देता नजर आया।
