कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज भोपाल में पार्टी की ओर से आयोजित ‘किसान महा चौपाल’ में किसानों को संबोधित कर रहे हैं। यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित किया गया है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि किताब में लिखा है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा के अंदर आ रहे थे, तब नरवणे ने रक्षा मंत्री से संपर्क कर निर्देश मांगे थे। राहुल गांधी के मुताबिक, उस समय चीन को जवाब देने का वक्त आया तो प्रधानमंत्री सामने नहीं आए।
यूएस-इंडिया ट्रेड डील का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौता करीब चार महीने तक रुका रहा। उनके मुताबिक, इसकी मुख्य वजह कृषि क्षेत्र था।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोयाबीन, कपास, मक्का और दाल जैसे कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बेच सकें। उनका दावा है कि देश के किसान और कई जनप्रतिनिधि भी इसके पक्ष में नहीं थे, इसलिए इस मुद्दे पर बातचीत काफी समय तक ठप पड़ी रही।
