ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता और डिप्टी पब्लिक रिलेशंस चीफ, ब्रिगेडियर-जनरल अली मोहम्मद नैनी, 20 मार्च 2026 को इजरायली और अमेरिकी हवाई हमलों में मारे गए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे एक “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला” करार दिया है। नैनी पिछले दो वर्षों से IRGC के मुख्य चेहरे के रूप में कार्यरत थे और सेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी करने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
यह घटना ईरान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका है, क्योंकि इससे कुछ ही समय पहले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी भी एक इजरायली हमले में अपनी जान गंवा चुके थे। नैनी की मौत उस समय हुई जब उन्होंने हाल ही में एक बयान जारी कर दावा किया था कि इजरायली हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता पूरी तरह सुरक्षित है। उनकी कमी से IRGC के सूचना तंत्र और प्रोपेगेंडा मशीनरी को भारी नुकसान पहुँचने की संभावना है।
ईरान में नेतृत्व का यह संकट 28 फरवरी 2026 को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से लगातार गहराता जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में एक के बाद एक कई शीर्ष सैन्य कमांडरों और राजनीतिक हस्तियों के मारे जाने से ईरानी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नैनी, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक IRGC की सेवा की थी, संगठन के भीतर एक बेहद अनुभवी और प्रभावशाली रणनीतिकार माने जाते थे।
