मुरादाबाद। करीब डेढ़ दशक पुराने चर्चित हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन डीआईजी/एसएसपी रहे आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार सिंह पर हमले के दोषी 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय 2011 में मैनाठेर क्षेत्र में हुए हिंसक घटनाक्रम से जुड़ा है, जिसने उस समय पूरे जनपद में सनसनी फैला दी थी।
वर्तमान में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर तैनात अशोक कुमार सिंह उस समय मुरादाबाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के रूप में कार्यरत थे। 6 जुलाई 2011 को मैनाठेर क्षेत्र में उपद्रव की सूचना मिलने पर वे तत्कालीन जिलाधिकारी राजशेखर के साथ भारी पुलिस बल लेकर हालात नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
घटनास्थल के पास डींगरपुर में स्थिति अचानक बिगड़ गई, जब उग्र भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला बोल दिया। उस समय अशोक कुमार सिंह भीड़ को शांत करने के लिए लाउड हेलर के माध्यम से समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति तेजी से बेकाबू होती देख तत्कालीन डीएम राजशेखर मौके से निकल गए। इसी बीच अफरातफरी में पुलिस टीम को यह भ्रम हो गया कि डीआईजी भी डीएम की गाड़ी में सवार हैं, जिसके चलते सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी डीएम के काफिले के पीछे निकल गए। इस चूक के कारण अशोक कुमार सिंह उग्र भीड़ के बीच अकेले फंस गए और उन पर जानलेवा हमला हुआ।
इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 16 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को कानून-व्यवस्था पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
