मुरादाबाद। जनपद में घरेलू गैस सिलेण्डरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक को सख्ती से लागू कराने के लिए 29 मार्च 2026 को जिला पूर्ति विभाग ने व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत नगर मजिस्ट्रेट के निर्देशन में गठित टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों—खासतौर पर रेलवे स्टेशन, मानसरोवर कॉलोनी और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों—में होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स की सघन जांच की।

जांच के दौरान कुल 12 प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर निरीक्षण किया गया। इनमें पीतल नगरी स्थित राज गेस्टहाउस, मानसरोवर कॉलोनी का राज रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन के सामने संचालित कई होटल, ढाबे और भोजनालय शामिल रहे। टीम ने मौके पर गैस सिलेण्डरों के उपयोग, कनेक्शन की वैधता और सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।

निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुछ प्रतिष्ठानों पर घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों—जैसे भोजन पकाने, चाय-नाश्ता बनाने—में किया जा रहा था, जो कि गैस वितरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। वहीं, कुछ स्थानों पर व्यावसायिक सिलेण्डर तो दर्ज थे, लेकिन मौके पर उपलब्ध नहीं मिले।
कई दुकानदारों ने सिलेण्डर “खाली” होने की बात कही, जबकि कार्य संचालन जारी था।

जांच टीम को यह भी देखने को मिला कि कुछ प्रतिष्ठान सिलेण्डर की अनुपलब्धता का हवाला देकर लकड़ी या अन्य असुरक्षित साधनों से खाना बना रहे थे, जो अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर लापरवाही है। कई स्थानों पर सिलेण्डरों के रख-रखाव और उपयोग में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि घरेलू गैस सिलेण्डर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित हैं। उनका व्यावसायिक उपयोग न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
अभियान के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करते हुए सख्त चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि जिन मामलों में स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है, उनमें सिलेण्डर जब्ती, लाइसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी प्रतिष्ठानों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल व्यावसायिक एलपीजी कनेक्शन का ही उपयोग सुनिश्चित करें।

प्रशासन ने साफ किया कि यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी नियमित रूप से छापेमारी की जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि कहीं घरेलू गैस सिलेण्डरों का दुरुपयोग होता दिखे, तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
