मुरादाबाद। जिले में सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिला मजिस्ट्रेट अनुज सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और आमजन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के खबर प्रसारित न की जाए।
प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सामान्य घटनाओं को भी सनसनीखेज तरीके से पेश कर आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। यह प्रवृत्ति न केवल समाज में नकारात्मक माहौल बनाती है, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रही है।
डीएम और एसएसपी ने विशेष रूप से व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सूचना प्रसारण के सशक्त माध्यम हैं, लेकिन इनके उपयोग में नैतिकता और जिम्मेदारी बेहद आवश्यक है। किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
प्रेस विज्ञप्ति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों ने कहा कि एआई के जरिए फोटो और वीडियो में छेड़छाड़ कर प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संस्थाओं की छवि धूमिल करने के प्रयास सामने आ रहे हैं, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
प्रशासन ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि उनसे अपेक्षा है कि वे खबरों के प्रसारण में निष्पक्षता और जिम्मेदारी का परिचय दें। बिना पुष्टि के ब्रेकिंग न्यूज चलाने से आमजन में भ्रम फैलता है और प्रशासन को अनावश्यक रूप से कानून व्यवस्था की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
अंत में प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति या समूह भ्रामक, अपुष्ट या समाज में अशांति फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर और अभूतपूर्व कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसे तत्वों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
