मुरादाबाद। दो वोट बनवाने की मंशा से एक महिला द्वारा अलग-अलग नामों से दो एसआईआर (गणना-पत्र) भरने का मामला सामने आया है। फार्मों के डिजिटाइजेशन के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया, जिसके बाद आरोपित महिला शमीम जहां और उसके बेटे मो. रहीश के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विधानसभा-27 मुरादाबाद ग्रामीण से जुड़ा मामला
यह प्रकरण विधानसभा क्षेत्र 27 मुरादाबाद ग्रामीण का है। जानकारी के मुताबिक महिला शमीम जहां ने दूसरा गणना-पत्र अमीना बानो के नाम से भरा था। जांच के दौरान दोनों नामों से भरे गए फार्म संदिग्ध पाए गए।
एक ही बूथ पर दो नामों से मतदाता प्रविष्टि
बूथ संख्या 171 से 180 के सुपरवाइजर राजीव प्रकाश ने बताया कि भाग संख्या 378, नगर निगम कार्यालय कक्ष संख्या-3 में अमीना बानो नाम से मतदाता दर्ज है। उनका इपिक नंबर एलवाइडब्ल्यू 2317063 है और पता 65-क सराय गुलजारीमल दर्ज है।
शमीम जहां के नाम से दूसरा वोट भी पाया गया
इसी क्षेत्र में अमीना बानो का दूसरा वोट शमीम जहां के नाम से दर्ज पाया गया। इस मतदाता का इपिक नंबर डब्ल्यूजेडके 1448505 है और पता 50 सराय गुलजारीमल मुरादाबाद दर्ज है। दोनों नामों से महिला ने दोबारा गणना-पत्र भर दिए।
एक ही आधार और फोटो का किया गया इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि दोनों गणना-पत्रों में एक ही आधार कार्ड संख्या 915354936478 का उपयोग किया गया। इसके अलावा दोनों फार्मों में एक ही फोटो भी अपलोड की गई थी, जिससे फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया।
अलग-अलग रिश्तों की इपिक आईडी का उल्लेख
अमीना बानो के नाम से भरे गए गणना-पत्र में पति आफताब की इपिक आईडी दर्शाई गई, जबकि शमीम जहां के नाम से भरे गए फार्म में माता मुन्नी की इपिक आईडी का उपयोग किया गया।
बेटे ने कराई थी दोनों फार्मों की मैपिंग
दोनों गणना-पत्रों की मैपिंग के लिए आवेदन महिला के बेटे मो. रहीश की ओर से किया गया था, जिससे पूरा मामला सामने आ सका।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
जांच में यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत अपराध पाया गया। सीओ कोतवाली सुनीता दहिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी की अपील—एक ही गणना-पत्र भरें
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अनुज सिंह ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि प्रत्येक व्यक्ति केवल एक ही गणना-पत्र भरे। सभी फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है, ऐसे में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा। फर्जीवाड़ा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
